Property Registration Update 2026 : भारत में लंबे समय से लोग टैक्स बचत, स्टाम्प ड्यूटी में छूट और परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पत्नी के नाम पर जमीन या मकान खरीदते रहे हैं। लेकिन 2026 में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो पत्नी के नाम पर संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे हैं।
अगर आप भी आने वाले समय में जमीन या मकान खरीदना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। यहां हम सरल और स्पष्ट भाषा में नए नियम, टैक्स प्रभाव, दस्तावेज और जरूरी सावधानियों की पूरी जानकारी दे रहे हैं।
Property Registration Update 2026: क्या बदले हैं नए नियम?
सरकार ने प्रॉपर्टी लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ाने और बेनामी संपत्ति पर रोक लगाने के लिए नियमों को और सख्त किया है। अब सिर्फ स्टाम्प ड्यूटी में छूट पाने के लिए पत्नी के नाम पर संपत्ति खरीदना पहले जितना आसान नहीं रहेगा।
नए नियमों के तहत:
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संपत्ति खरीदते समय आय का स्रोत स्पष्ट करना अनिवार्य होगा।
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भुगतान किस बैंक खाते से हुआ है, इसकी जानकारी देनी होगी।
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PAN और आधार लिंक अनिवार्य रहेगा।
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अधिक मूल्य की संपत्ति पर अतिरिक्त सत्यापन किया जा सकता है।
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संयुक्त संपत्ति के मामलों में दोनों पक्षों की सहमति जरूरी होगी।
इन बदलावों का उद्देश्य फर्जी और बेनामी लेन-देन को रोकना है।
स्टाम्प ड्यूटी में छूट: अब क्या है स्थिति?
महिलाओं को अब भी कई राज्यों में स्टाम्प ड्यूटी में छूट दी जाती है। उदाहरण के लिए:
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उत्तर प्रदेश में महिलाओं को लगभग 1% तक की छूट मिलती है।
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दिल्ली में महिला खरीदारों के लिए कम स्टाम्प शुल्क लागू है।
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राजस्थान में भी महिलाओं को विशेष रियायत दी जाती है।
हालांकि छूट जारी है, लेकिन अब सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि संपत्ति वास्तविक स्वामित्व के उद्देश्य से खरीदी जाए, न कि सिर्फ टैक्स बचाने के लिए।
बेनामी संपत्ति कानून का प्रभाव
बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम के तहत यदि कोई व्यक्ति अवैध धन को छिपाने के लिए किसी अन्य के नाम पर संपत्ति खरीदता है, तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है।
पति-पत्नी के बीच संपत्ति खरीद सामान्य परिस्थितियों में बेनामी नहीं मानी जाती, लेकिन अब आय के स्रोत और लेन-देन की पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यदि दस्तावेज स्पष्ट नहीं हैं, तो जांच संभव है।
पत्नी के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने के फायदे और नए प्रभाव
| बिंदु | पहले स्थिति | अब स्थिति |
|---|---|---|
| स्टाम्प ड्यूटी | महिलाओं को 1–2% छूट | छूट जारी, पर आय स्रोत की जांच |
| टैक्स लाभ | भुगतान की कम जांच | ITR और बैंक रिकॉर्ड की जांच |
| बेनामी नियम | कम सख्ती | सख्त सत्यापन |
| लोन प्रक्रिया | अपेक्षाकृत आसान | आय और स्वामित्व दोनों की जांच |
| रजिस्ट्रेशन | सामान्य प्रक्रिया | अतिरिक्त दस्तावेज आवश्यक |
जरूरी दस्तावेज जो अब अनिवार्य हैं
पत्नी के नाम पर जमीन खरीदते समय निम्न दस्तावेज तैयार रखें:
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आधार कार्ड
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PAN कार्ड
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बैंक स्टेटमेंट
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आयकर रिटर्न (ITR) की कॉपी
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विवाह प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो)
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संपत्ति के कानूनी दस्तावेज
दस्तावेजों की कमी भविष्य में कानूनी परेशानी का कारण बन सकती है।
क्या अब पत्नी के नाम पर जमीन खरीदना सही फैसला है?
यदि आपकी आय वैध है और सभी लेन-देन पारदर्शी तरीके से किए गए हैं, तो चिंता की कोई बात नहीं है। लेकिन केवल टैक्स बचाने के उद्देश्य से पत्नी के नाम पर संपत्ति खरीदना अब जोखिम भरा हो सकता है।
सही तरीका यह है कि:
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भुगतान का पूरा रिकॉर्ड रखें।
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ITR में संपत्ति से जुड़ी जानकारी दर्ज करें।
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जरूरत हो तो संयुक्त स्वामित्व का विकल्प चुनें।
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रजिस्ट्रेशन से पहले कानूनी सलाह लें।
समझदारी से लिया गया निर्णय भविष्य में सुरक्षा प्रदान करता है।
प्रश्न 1: क्या पत्नी के नाम पर जमीन खरीदने पर अतिरिक्त टैक्स लगेगा?
यदि संपत्ति वैध आय से खरीदी गई है और आयकर रिटर्न में दर्ज है, तो अतिरिक्त टैक्स नहीं लगेगा।
प्रश्न 2: क्या स्टाम्प ड्यूटी में महिलाओं को मिलने वाली छूट खत्म हो गई है?
नहीं, अधिकांश राज्यों में छूट अभी भी जारी है, लेकिन जांच प्रक्रिया सख्त हुई है।
प्रश्न 3: क्या पति अपने पैसे से पत्नी के नाम संपत्ति खरीद सकता है?
हाँ, लेकिन भुगतान का स्रोत स्पष्ट होना चाहिए और सभी टैक्स दस्तावेज सही होने चाहिए।
प्रश्न 4: क्या बेनामी कानून पति-पत्नी पर लागू होता है?
सामान्य मामलों में नहीं, लेकिन संदिग्ध लेन-देन होने पर जांच की जा सकती है।
पत्नी के नाम पर जमीन खरीदना आज भी एक सुरक्षित और समझदारी भरा निवेश हो सकता है, बशर्ते सभी नियमों का पालन किया जाए। नए रजिस्ट्रेशन नियमों को समझकर और पारदर्शिता बनाए रखकर आप भविष्य की कानूनी समस्याओं से बच सकते हैं।
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